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नालों में गोबर-मल-मूत्र बहाने पर रोक की मांग, वार्ड 60 की पार्षद ने नगर आयुक्त को सौंपा पत्र

अमित कुमार प्रकाशित : 19 सितंबर 2026, 09:09 PM अपडेटेड : 24 सितंबर 2026, 12:02 AM 3
नालों में गोबर-मल-मूत्र बहाने पर रोक की मांग, वार्ड 60 की पार्षद ने नगर आयुक्त को सौंपा पत्र

पटनासिटी। पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 60 की पार्षद शोभा देवी ने पशुपालन एवं गौशाला संचालकों द्वारा नालों में गोबर, मल-मूत्र और अन्य पशु अपशिष्ट बहाए जाने पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने पटना नगर निगम के नगर आयुक्त को पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

पार्षद ने पत्र में कहा है कि पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ पशुपालकों एवं गौशाला संचालकों द्वारा पशुओं का गोबर, मल-मूत्र और अन्य अपशिष्ट सीधे नालों में बहाया जा रहा है। इससे नालियां और बड़े नाले जाम हो रहे हैं तथा जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बरसात के दौरान इसका प्रभाव और गंभीर हो जाता है, जिससे लोगों को जलजमाव और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि वार्ड संख्या 60 सहित पूरे पटना शहर में जल निकासी के लिए बड़े नालों का निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन उनमें गोबर एवं पशु अपशिष्ट बहाए जाने से उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे सरकारी संसाधनों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

पार्षद शोभा देवी ने पशुपालन एवं गौशाला संचालकों को पशु अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गोबर से बायोगैस और जैविक खाद का निर्माण किया जा सकता है, जिससे स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल सकता है।

उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की कि पशुपालन एवं गौशाला संचालकों को नालों में गोबर, मल-मूत्र एवं अन्य पशु अपशिष्ट बहाने से रोकने के लिए आवश्यक आदेश-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाकर पशु अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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